परीक्षा से परिणाम तक"
चार किताब चार दीवार,
यही है मेरा मन का सार।
एक अनुशासन आठ घंटे,
मन में मेरे बजते घंटे।
करते अभ्यास फोकस का,
नोटिफिकेशन ऑन हुआ।
और मैं जल्दी से मोबाइल को साथ लिया।
एक घंटे रील चली, दूजे घंटे बीत गये।
फिर याद आया अपना सपना,
खुद को यूंही डांढ लिया..!
और फोकस को पकड़ लिया.।
एक कलम हजार विचार,
को कुछ शब्दों में माप दिया।
समुद्र सी गहराई में, खुद को समा दिया।
लड़ता रहा वो रातों से,सूनी सी बरसातों को
"💯🪴🌱🍂.....! गहरी बात!
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