शिर्षक - "कथा"
कविता
स्वरचित
बीज से वृक्ष बनने तक, एक लंबी कथा लिखी,
मिट्टी, धूप और पानी ने, अपनी भूमिका रखी।
आँधी आई, बारिश बरसी, पत्ते कुछ झड़ भी गए,
पर जड़ों ने धैर्य सिखाया, सपने फिर से जग गए।
हर जीवन यूँ ही लिखता है, संघर्ष की अपनी गाथा,
अंत नहीं—हर मोड़ पर, शुरू होती नई कथा।
रचनाकार
"कौशल "
01.01.2026
कथा
कथा
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