कलम संगिनी

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मां दंतेश्वरी

मां दंतेश्वरी

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मां दंतेश्वरी
काव्य गीत ओड़िया झूली झुली आसुछी मो दंतेश्वरी माई देखी देखी ताकूं आमी हउच्छू बाई केते ढंग री असुछी मो दंतेश्वरी माई,, कांटा झुला री बसीच्छी मो काछन माई दांत पड़ी गला सती माता र हेला ,,,दंतेश्वरी शक्तिपीठ नव दिन नव पूजा सरी गले, दस दिने रथ चले, घीय ,गुड़,फूल चढ़े आऊ नुवाखाई पड़े केते भावे रथ चढ़े मो दंतेश्वरी माई,,,,, देखी देखी ताकूं आमी हउच्छू बाई केते ढंग री असुछी मो दंतेश्वरी माई,,,, हेल महिष्मरदिनी,भक्त r उद्धारिणी नव दिन नवरात्रि &&&कले,हेल दुख हरिणी तोते सुमेरी सुमेरी जाऊ जीवन झुलुची मो मां देवी काछन,,, झूली झुली आसुछी मो दंतेश्वरी माई स्वरचित गीत ओड़िया तर्ज प्रतिभा दिनेश कर विकासखण्ड सरायपाली

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