काव्य
****सज गया बाजार ****
आया दिवाली का त्यौहार ,
नगर - नगर शहर - शहर सज गए बाजार ।
दिख रही पटाखे की लड़ियों की बौछार,
तो कहीं बिक रही हैं मिठाइयां अपार।।
बच्चों के मनपसंद रंग बिरंगी फुलझड़ियां ।
तो कहीं बाजार में रंग बिरंगी फूलों की लड़ियां।।
देख देख सजा हुआ रंग बिरंगी बाजार
मन को भाए अपरंपार
आया दिवाली का त्यौहार ,
नगर - नगर शहर - शहर सज गए बाजार।।
लड्डू पेड़े रसगुल्ले मन को लुभाते है
देख कर इन्हें बच्चे लार टपकाते हैं ।।
मिठाईयां मिलती मनभावन,
दिवाली का त्यौहार है अति पावन।।
प्रेम और मिठास से जीवन बनता आसान,
जिससे आता जीवन में सम्मान ।।
आओ मिलकर मनाएं दिवाली का त्यौहार
संग बाटे स्नेह अपार ,होगी खुशियों की बौछार ।
आया दिवाली का त्यौहार ,
नगर - नगर,शहर - शहर सज गया बाजार।।
स्वरचित काव्य
प्रतिभा दिनेश कर
विकासखंड सरायपाली
जिला महासमुंद छत्तीसगढ़
सज गया बाजार
सज गया बाजार
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