कलम संगिनी

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मकर संक्रांति

HARNARAYAN KURREY

HARNARAYAN KURREY

1 Followers 93 Posts Oct 2025

मकर संक्रांति

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शिर्षक - मकर संक्रांति आज मकर संक्रांति के पावन दिन ला, सूरुज देवता Capricorn मा आथे, दिल ला छूथे। खेत-खार मा फसल लहराथे, आँखी मा आँसू खुशी के, गाँव-गली मा बचपन के यादें जगाथे जी। तिल-गुड़ के लड्डू बनाथें माँ के हाथ, पतंग उड़ाथें, सपना संग उड़थें दिल के बात। संगी-साथी संग मिलके गाथें पुराना गीत, नदी-ताल मा स्नान करथें, पाप धोथें प्रीत। पुरखा के कहानी सुनके भावुक होथें हम, दान-धर्म से जीवन के दुख हरथे, बनथे सुखम। बच्चा-बुजुर्ग सब झूमथें, आँखी मा चमक, छत्तीसगढ़ी रंग मा डूबथें, जीतथें हर झक। फूल-फल के सुगंध मा महकथे परिवार के बंधन, संक्रांति के संदेश लाथे, नवा जीवन के वरदान। मोर छत्तीसगढ़ मा ये त्यौहार मनाथें आंसू संग हँसी, प्रेम-भाईचारा के बीज बोथें, दिल के गहराई से। रचनाकार कौशल 14.01.2026

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