🌸 *नमन हे गणेश* 🌸
(स्वरचित कविता)
गणेश चतुर्थी का दिन आज, आप हो मंगलमूर्ति,
नमन हे गणेश, करते हो सुख और कृपा की पूर्ति।
आज भक्ति भाव से सजाएँ, हम तुम्हारा दरबार,
नमन हे गणेश, बनो हमारे इस जीवन के आधार।
विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति, प्रिय हो सबके जीवन को,
प्रकाशित कर दो हे प्रभु, मानव जीवन की राहों को।
चरणों में श्रद्धा से झुकता है तन और मन सारा,
नमन हे गणेश तुम्हें, तुम्हीं हो जीवन सहारा।
आज की पावन बेला में, सुन लो प्रभु यह प्रार्थना,
नमन हे गणेश, जीवन में बरसाओ सुख-साधना।
सदा कृपा करो हम पर, दूर करो हर अज्ञान,
नमन हे गणेश तुम्हें, प्रदान करो ब्रह्मज्ञान।
नमन हे गणेश, तुम हो सभी दुःखों के निवारक,
तेरी महिमा अपरंपार, भक्तों के लिए प्रकाशक।
सदा हमारी रक्षा करो, बनो सबके जीवन आधार,
नमन हे गणेश, भर दो सभी के हृदय में प्यार।
सफलता के दीप और ज्ञान के सागर आप,
अज्ञान और अंधकार का मिटा दो का ताप।
तुम्हारी पूजा से ही खिलते हैं फूल हर द्वार,
नमन हे गणेश, कर दो हमें भवसागर पार।
✍️ योगेश गहतोड़ी (ज्योतिषाचार्य)
मोबाईल: 9810092532
नमन हे गणेश
नमन हे गणेश
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