कलम संगिनी

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छठ महापर्व

adi.s.mishra

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छठ महापर्व

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छठ महापर्व
छठ महा पर्व छठ महा पर्व कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि को मनाया जाता है, यह चार दिवसीय पर्व कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से प्रारम्भ होता है, कार्तिक शुक्ल सप्तमी को प्रातः कालीन उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य देकर पूर्ण होता है। बड़ा ही सुंदर अद्भुत मनोहारी अलौकिक होता है यह दृश्य, छठ मैया का पर्व ही दिव्य भावों से होता है परिपूर्ण परिदृश्य। छठ मैया सूर्य भगवान भाई बहन होते हैं, सूर्य देव बहन छठ मैया के घर जाते हैं, व्रती जन छठ मैया की पूजा के साथ सूर्य देव को अर्घ्य अर्पितकरते हैं। पहले दिन नहाय खाय में शुद्ध सात्विक भोजन का विधान है, चने की दाल चावल के साथ लौकी की सब्जी अगस्त फूल की पकौड़ी खाने का नियम है। दूसरे दिन गुड की खीर पूड़ी का भोग लगाया जाता है, खीर पूड़ी भोग खाकर खरना संपन्न होता है, व्रतियों की श्रद्धा भक्ति अपार है, छठमां की महिमा भी अपार है, तीसरे दिन षष्ठी तिथि को मुख्य पर्व होता है, निर्जला व्रत रखा जाता है, बनता है ठेकुआ अगरौटा कचबनिया आदि पकवान है, सज जाता है सूप डलिया फल फूल और मेवा मिष्ठान है, नारियल गन्ना नींबू नारंगी शरीफा अमरख अदरक हल्दी केला सेब अनार है, घर के सब परिजन सज धज कर संध्या बेला घाट जाने को तैयार हैं, नदी किनारे घाट बनाकर झंडी बंदनवार सजा कर सुघर मनोहर पावन घाट पर पूजा होती है, धूप दीप अक्षत सिंदूर पान सुपारी और महावर शोभा न्यारी होती है। कलश सजा कर दीप जलाकर सूप को सजाते हैं, मंगल गीत गा गा करके भक्ती भाव जगाते हैं, छठी मैया सूर्य देव को विनती खूब सुनाते हैं, सूर्य देव के अस्त से पहले जल में जाकर भरा सूप आंचल में रख कर सूर्य भगवान को दूध जल से अर्घ्य समर्पित करते हैं। इस प्रकार से संध्या अर्घ्य से व्रत का प्रथम चरण पूर्ण होता है। चौथे दिन ब्रह्म मुहूर्त में घाट जाते हैं, प्रातः कालीन उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य समर्पित करके अग्नि में कुछ आहुतियां अर्पित करते हैं व्रती महिलाएं व्रती जन व्रत का दूसरा चरण पूर्ण करते हैं, छठी मैया का सूर्य भगवान का मंगलमय पावन दिव्य अलौकिक आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, चार दिन की साधना तपस्या पूर्ण होती है। कठिन तपस्या होती इसमें उत्सव और उत्साह भरा, किंचित भी ना मन विचलित हो अडिग अलौकिक भाव भरा, जय जय जय जयकार है, छठ मैया सूर्य भगवान की, सारा जग साक्षी बना पावन मंगलमय विधि विधान की। सुभद्रा द्विवेदी, लखनऊ

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