कलम संगिनी

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पितृऋण

पितृऋण

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पितृऋण
*पितृऋण* 👇 *(१)*👇 माता-पिता का दिया प्यार है पितृऋण, इस जीवन का एक उपहार है पितृऋण। हर साँस का सच्चा आधार है पितृऋण, सबका उजियारा संसार है पितृऋण।। 👇 *(२)*👇 बचपन की हँसी में बसा है पितृऋण, संस्कारों की राह दिखाता पितृऋण। हर रिश्ते में मिठास जगाता पितृऋण, जीवन को सही बनाता पितृऋण।। 👇 *(३)*👇 त्याग और ममता का नाम है पितृऋण, हर दिन का अनुपम काम है पितृऋण। सुख-दुख में साथ निभाता पितृऋण, जीवन को राह दिखाता पितृऋण।। 👇 *(४)*👇 पितृपक्ष का भाव समझाता पितृऋण, श्रद्धा से मन को झुकवाता पितृऋण। तर्पण से आशीष दिलाता पितृऋण, हर हृदय को कृतज्ञ बनाता पितृऋण।। 👇 *(५)*👇 पूर्वजों की स्मृति जगाता पितृऋण, हर पीढ़ी को जोड़ सिखाता पितृऋण। जीवन का सच्चा सहारा पितृऋण, हम सबका स्नेहमय तारा पितृऋण।। 👇 *(६)*👇 सुख-शांति का द्वार खोलता पितृऋण, समृद्धि का आधार बनता पितृऋण। आशीषों से जीवन सजता पितृऋण, हर मन को उजियारा देता पितृऋण।। 👇 *(७)*👇 धैर्य और सहनशीलता है पितृऋण, आकाश-सी ऊँचाई है पितृऋण। हर संकट में रक्षा करता पितृऋण, जीवन की सच्चाई है पितृऋण।। 👇 *(८)*👇 कृतज्ञता का गीत सुनाता पितृऋण, हर मन को साथ निभाता पितृऋण। भूत और भविष्य मिलाता पितृऋण, जीवन को सुंदर बनाता पितृऋण।। 👇 *(९)*👇 विरासत की सच्ची शान है पितृऋण, हर परिवार की जान है पितृऋण। संस्कारों की पहचान है पितृऋण, मानवता का प्राण है पितृऋण।। 👇 *(१०)*👇 हर श्वास का मधुर पूजन है पितृऋण, जीवन का अमूल्य अर्जन है पितृऋण। धरती पर स्वर्ग समान है पितृऋण, मानव का जीवन-गान है पितृऋण।। ✍️ योगेश गहतोड़ी "यश"

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