अंतर्मन की खोज"
#9
खोज तेरी पुरी होगी,
तु खुद को देख अंतर्मन में..!
हे सारे सवाल के जवाब,
तेरे ही मन के अंर्तचित में।
जब जाये तु खोज सफ़र में,
समझ पायेगा मंजिल को
क्योंकि सफ़र ही मंजिल है,
तु खोज जायेगा अपने मन को।
होगी बौछार उस नीर की,
जो लहरों से खींचा आया है।
इन लहरों में डुबा स्वयं को,
शुन्य तल पा जायेगा।
वो नियत नीति तेरी सदा,
भावों से भरकर आयेंगी।
क्योंकि तु अपने मन में,
खोज लिया अंतर्मन में।
माध्यम मार्ग हो तेरा जीवन,
सन्तुलन से चला जा।
हो विजय विचारों की तेरी,
बस सकारात्मकता सोचें जा।
खोज तेरी पुरी होगी,तु खुद को देख अंतर्मन में......!!💯✅
Writer -Neetu nagar amber narsinghgarh Madhya Pradesh
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