जीवन निरंतर गीत है
जीवन निरंतर एक गीत है, हम दिल से गाते हैं,
जीवन की इस धारा को, सुर में सजाते हैं…॥,,,,,,,
जीवन एक निर्झर गीत है ,बहता जाए चुपचाप,
पत्थरों से टकराकर भी, रखता है अपना आप ।,,,,
(बचपन)
जब नन्हे थे हम सब, ना चिंता ना कोई भार,
माँ की गोद में मिलता था, सारा जगत का प्यार…
खेल-खेल में बीते दिन, सपनों की थी बारात,,,,,,
मासूम सी मुस्कान में, छुपा था सारा प्यार।,,,,
हाँ वो दिन याद आते हैं, हम गुनगुनाते हैं…॥
जीवन एक निरंतर गीत है,हर पल दोहराते हैं,
जिसे हम गुनगुनाते है ,,,,,
(यौवन / शादी)
फिर आई जवानी, जिम्मेदारियों का साज़,
सपनों को सजाने लगे, लेकर नए अंदाज़…
संग किसी के चल पड़े, जीवन की उस राह,
सुख-दुख के संग जीना, बन गई है अपनी चाह…
बंधन ये निभाते हैं, जीवन सजाते हैं…॥
जीवन ये संगीत है जिसे गुनगुनाते हैं
(संघर्ष)
कभी धूप तो कभी छाँव, राहों में आते हैं,
गिरकर फिर संभलते हैं, आगे बढ़ जाते हैं…
हर मोड़ पर मिलते हैं ,दुख के गहरे साए,
फिर भी उम्मीदों के दीप ,हम खुद ही जलाए।
आँसू भी मुस्काते हैं, दर्द भी गाते हैं,
संघर्ष की इस आग में, खुद को तपाते हैं…
हिम्मत जगाते हैं, खुद को उठाते हैं…॥
(बुढ़ापा)
धीरे-धीरे ढलता है, जीवन का ये प्रकाश,
यादों की छाया में, मिलता सुकून खास…
झुर्रियों में छुपी होती, अनुभव की हर बात,
बीते हुए कल की, सुनाते हैं हम सौगात…
ये बात सभी को हम दिल से समझते है
सबको समझाते हैं, सच्चाई बताते हैं…॥
जीवन ऐसा संगीत है ,जिसे गुनगुनाते हैं
(अंत)
जीवन निरंतर गीत है , हम दिल से गाते हैं,
अंत में ये जीवन भी, सागर से मिल जाते हैं…
जन्मों की इस डोरी को, प्रेम से निभाते हैं,
जीवन एक भजन है, जिसे हम गाते हैं…॥
जीवन निरंतर गीत है
जीवन निरंतर गीत है
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