साठ साल की सुनहरी यादें
हमारी शादी का दिन,
खुशियों खुशियों की भरी दिन,
*सबीहा* मेरी होने का दिन,
चाँद चाँदनी का दिन,
मीठे गीतों का दिन।
आम के तोरणों के बीच चमकता दिन,
बादलों की छाया में बारिश का दिन,
प्रेम और बंधनों का दिन,
अभिनयों से लललाता दिन,
बहुत लिखा जाने वाला दिन,
सुनीता के कोठे हाथों से
बिंदी लगने का दिन।
मम्मी पापा की इच्छा पूरी होने का दिन,
मम्मी पापा के अपनेपन का दिन, गले लगाकर आशीष देने का अच्छा दिन,
साठ साल पूरे होने का मनोरंजक दिन,
मेरी हृदय साम्राज्ञी मेरी शादी का दिन,
मोतियों से भरा सफेद दिन।
घर हमारी नूर-ए-रोशन,
अनवर-ए-तजल्ली का दिन,
खिलते फूलों की
खुशबू से भरपूर दिन,
हमको आशीष दीजिये,
मन से आशीष दीजिये।
अल हज मोहम्मद अनवरुल हक
A-408 प्रेस्टीज अपार्टमेंट्स,
हैदराबाद 500085
साठ साल की बेमिसाल यादें
साठ साल की बेमिसाल यादें
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