कलम संगिनी

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ओस के बूंद

HARNARAYAN KURREY

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1 Followers 93 Posts Oct 2025

ओस के बूंद

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ओस के बूंद
ओस के बूंद कविता स्वरचित रात की चुप्पी में जन्मी, भोर की गोद में हँसी ओस। पत्तों पर मोती-सी चमकी, सूरज छूते ही पिघली ओस। क्षणिक जीवन का सच कह गई, मौन में अमर कथा लिख गई ओस। रचनाकार कौशल 05.01.2026

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