शीर्षक - प्रगति के मोती
प्रगति पथ नित ध्यान रखें,
आगे बढ़ते चले चले।
प्रगति मानसिक रूपों में,
वो भौतिक मन के स्वरूपों में।
समृद्ध और साकार बनने,
चारों और विकास बनने।
मेहनत और ईमानदारी से,
प्रगति पथ प्रदर्शक बने।
होंसले है ऊंची उड़ान,
बाधाओं से लड़ें चलें।
वो पथ के मोती ऐसे खिले,
आर्थिक आज़ादी चारों ओर मिलें।
प्रगति अपने लक्ष्यों में,
ऐसी बनाये रखना तुम।
हर स्तर पर यूंही ही,
आगे बढ़ते जाना तुम।
प्रगति पथ नित ध्यान रखें,
आगे बढ़ते चले चले।
प्रगति मानसिक रूपों में,
वो भौतिक मन के स्वरूपों में।
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