कलम संगिनी

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वर्ष के आखिरी दिन

HARNARAYAN KURREY

HARNARAYAN KURREY

1 Followers 99 Posts Oct 2025

वर्ष के आखिरी दिन

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शिर्षक – वर्ष के आख़िरी दिन विधा – कविता मौलिक रचना वर्ष के आख़िरी दिन ठहर कर कुछ सोचा हमने, बीते लम्हों की गठरी मन में बोझा हमने। हँसी के फूल भी थे, आँसू भी संग आए, हर मौसम ने जीवन के अर्थ सिखाए। गलतियों से सीखा, सच का दीप जलाया, हार के अँधेरों में हौसला मुस्काया। जो छूट गया पीछे, उसे क्षमा किया, नए सपनों से कल का पथ रेखांकित किया। आज विदा का पल है, कल से है नई राह, आशाओं की पोटली, विश्वास की चाह। वर्ष के आख़िरी दिन यह प्रण हम लें, मानवता, प्रेम, सत्य को जीवन में चुनें। रचनाकार – "कौशल" छत्तीसगढ़

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