NEP गीत
🎵 गीत : “करके सीखो, हँसते-गाते” 🎵
(तर्ज़ – “नन्हे-मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है”)
बच्चे नए ज़माने के, सीखें खेल-खेल में,
कविता, चित्र, कहानी, छिपे ज्ञान के मेल में।
ना रटने का डर यहाँ है,
ना बोझों का ढेर है,
करके सीखें, हँसते-गाते,
हर पल कुछ बन जाते हैं !
गाएँ सब मिलकर विज्ञान,
रंगों में रचें अपना गान,
गिनती सिखे खेल-खेल में,
भाषा बने मन की पहचान।
सोचें, पूछें, समझें, जाने ,
हर दिन कुछ नया करें,
ज्ञान की इस राह में अब,
खुशियों के है दीप जले।
शिक्षक अब हैं मार्गदर्शक,
सदा हमारे साथ हैं ,
पुस्तक से परे जहाँ तक,
अनुभव से बनते ज्ञान हैं
NEP का सपना है प्यारा,
हर विद्यालय में उजियारा हो
भारत का भविष्य संवारें,
ज्ञानदीप उज्वल जग सारा हो ।।।
स्वरचित काव्य रचना
प्रतिभा दिनेश कर
विकासखंड सरायपाली
जिला महासमुंद छत्तीसगढ़
NEP गीत करके सीखो
NEP गीत करके सीखो
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