कलम संगिनी

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विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से विद्वानों का सम्मान

adi.s.mishra

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विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से विद्वानों का सम्मान

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विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से विद्वानों का सम्मान
*विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से विद्वानों का सम्मान* साहित्य, समाज सेवा और ज्योतिष में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान। लखनऊ, 29 मार्च 2026: काशी हिन्दी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्वानों और विदुषियों को विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। काशी हिन्दी विद्यापीठ, वाराणसी के कुलसचिव कवि इन्द्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’ जी के संरक्षण में कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनहरी छाँव ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमन मोहिनी एवं डॉ. उदयवीर सिंह उपस्थित रहे। काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव एवं प्रख्यात कवि श्री इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’ ने समारोह के दौरान श्रीमती सुभद्रा द्विवेदी, श्री ज्ञान प्रकाश मिश्र, श्री राजेन्द्र शंकर मिश्र, आचार्य पंडित बृजेश कुमार मिश्र, पंडित अशोक कुमार मिश्र ‘मयंक’, श्रीमती अनिता मिश्रा दुबे, डॉ. रंजना द्विवेदी, श्री नीरज मिश्र तथा श्रीमती संध्या को विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान साहित्य, समाज सेवा और ज्योतिष के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और समर्पण के लिए प्रदान किया गया। विशेष सम्मान: इस अवसर पर काशी हिन्दी विद्यापीठ, वाराणसी के कुलसचिव श्री इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’ द्वारा डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ को काशी हिन्दी विद्यापीठ, वाराणसी के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत गौरव’ से भी विभूषित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।

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