शीर्षक – "नववर्ष की बधाई"
विधा -कविता
मौलिक रचना
नववर्ष नया उजास लाया, सपनों को पंख लगा जाए,
बीते कल की पीड़ा धोकर, खुशियों का संदेश सुनाए।
हर आँगन में दीप जले, हर मन में विश्वास जगे,
नव संकल्प की धूप लिए, जीवन पथ फिर से सजे।
आशा की कोंपल फूटे, थके कदमों को राह मिले,
मेहनत के हर बीज से अब, सफलता का फूल खिले।
भूलें हम सारे गिले, प्रेम की भाषा अपनाएँ,
सत्य, करुणा, सौहार्द से, रिश्तों को और निभाएँ।
नववर्ष तुम्हें दे सम्मान, सुख-समृद्धि का वरदान,
हर दिन बने उत्सव जैसा, हर क्षण हो मधुर मुस्कान।
जो चाहो वह सच हो जाए, जो हो मन में अरमान,
नववर्ष की हार्दिक शुभेच्छा, करे भविष्य उजियान।
रचनाकार "कौशल"
नववर्ष की बधाई
नववर्ष की बधाई
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