कलम संगिनी

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तुम... एक एहसास

Pratap Narayan Dash

Pratap Narayan Dash

0 Followers 3 Posts Sep 2025

तुम... एक एहसास

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न हुआ तुम-सा, ना होगा कभी । मिली जहां को वो सौगात हो तुम ।। तारों में दमक हो , शशि सा शीतल । पुलक हो पुलकित जो साथ हो तुम।। रौनक हो, शान हो , शबर रिश्तों की । हिन्द की ऐ देवी! वो जज़्बात हो तुम ।। तरु भी झुकना जो सीखे आपसे । वो शख्सियत वो अदा वो बात हो तुम।।

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