** दर्द को घर बना लिया **
कभी तो याद कर ले ये दिल तेरा नाम लेकर,
हमने तो हर दुआ में तेरा ही जिक्र किया है।
तू मुस्कुराता रहे सदा जहाँ भी रहे,
हमने तो अपना दर्द भी चुपके से दिया है।
—
ग़म की दुनिया में हँसने का हुनर सीख लिया,
हर ज़ख्म को छिपाने का असर सीख लिया।
अब कोई पूछे तो बस इतना कहते हैं,
हमने तो दर्द को अपना घर सीख लिया।
—
वो वक्त भी क्या खूबसूरत था,
जब तेरे बिना कुछ अधूरा सा लगता था।
अब तो हालत ये है ऐ दोस्त,
तेरे साथ भी दिल कुछ पुराना सा लगता था।
रचनाकार - कौशल,
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