शिर्षक – "नया वर्ष"
विधा – कविता
मौलिक रचना
नव प्रभात संग खुशियों का, संदेश नया लाया,
बीते कल की थकन छोड़, भविष्य दीप जलाया।
आशा के पंख लगे हैं, सपनों को आकार मिला,
हर सूनी राह ने अब, विश्वास का हाथ थामा।
पुराने दुख, पुराने भय, समय संग धुल जाएँ,
नव संकल्प की धूप तले, अंधेरे सब मिट जाएँ।
मेहनत के हर बीज में, सफलता फल पाए,
सच की राह पे चलकर, जीवन मुस्काए।
प्रेम, करुणा, सौहार्द से, जग का रूप सँवरे,
मानवता के दीप जले, हर मन उजियारे भरे।
नया वर्ष दे शुभ अवसर, उन्नति के द्वार खुले,
सुख-शांति की छाँव तले, सपने सारे फले। ।
रचनाकार -"कौशल"
02.01.2024
नया वर्ष
नया वर्ष
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