आस्था, विश्वास व सूर्यदेव की उपासना का वृतपर्व छठ पूजा
छठ महापर्व एक ऐसी वृत पूजा है,
जिसमें पंडित पूजा नहीं कराता है,
जिसमें सूर्य देव प्रत्यक्ष अर्ध्य लेते
और डूबते सूर्य को पूजा जाता है।
जिसमें वृती जातिवर्ग से परे होते हैं
जिसमें बस लोकगीत गाये जाते हैं
जिसमें पकवान घर में ही बनाते हैं
जिसमें घाट पर ऊँचनीच नही होते हैं।
जिसमें प्रसाद अमीर-गरीब सभी
पूर्ण श्रद्धा भक्ति से ग्रहण करते हैं
जिसमें निरंतर छत्तीस घंटे तक वृती
बिना खाये पिये पूर्ण वृत रखते हैं।
यह सामाजिक सौहार्द, सदभाव, आस्था, विश्वास, शांति, समृद्धि,
पवित्रता व सादगी का महापर्व है,
आदित्य बधाई, शुभ कामनायें हैं।
डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
लखनऊ
छठ महापर्व
छठ महापर्व
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