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बसंत पंचमी
पीली चादर ओढ़ धरा मुस्काई,
फूलों ने खुशबू आज लुटाई।
कोयल ने छेड़ी मधुर तान,
मन में जागा नया अरमान।
सरसों के खेतों में छाया रंग,
हर दिशा में उमंग ही उमंग।
माँ सरस्वती का शुभ आगमन,
ज्ञान-दीप से रोशन हुआ जीवन।
वीणा की धुन में बहता ज्ञान,
अज्ञान का हो जाता निदान।
बसंत पंचमी लाए संदेश,
सीखें, सृजें, बढ़ें विशेष।
रचनाकार
कौशल
23.01.2026
बसंत पंचमी
बसंत पंचमी
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