कलम संगिनी

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जग में प्यारा है एक नाम -जय श्री राम

जग में प्यारा है एक नाम -जय श्री राम

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जग में प्यारा है एक नाम -जय श्री राम
काव्य जग में प्यारा है एक नाम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम अयोध्या के राजा जय श्रीराम, जय श्री राम जय श्री राम पतित पावन जय श्री राम असुरों का संहार कर छाया मन में उल्लास राम लखन ,सिया संग किया, अयोध्या में प्रवास दीपों का यह पर्व है जगमग हो विश्वास। अहंकार का अंत किया फैलाया जग में प्रकाश।। यश कीर्ति जग में मिले निर्मल रहे विचार नित्य प्रतिदिन सफलता पाओ सुखी रहे परिवार।। जय श्री राम ,,,,,, दशरथ नंदन राम दुलारे,है जग के प्यारे अयोध्या के हैआंखों के तारे,राम भक्त है सारे ।। कौशल्या की गोद में पले,सुमित्रा का स्नेह दुलार भरत, लखन, शत्रुघ्न संग, प्रेम सदा रहे अपार ।। विश्वामित्र के चरणों से पाया ,ज्ञान प्रकाश, गुरु वचन को माना सदा, यही राम का आस॥ जनकपुरी से सिया मिलीं, जैसे चाँद को मिले आकाश, त्याग और मर्यादा बने, जग के लिए प्रकाश॥ वन में भी संग रही, न छूटी प्रेम की डोर, राम-सिया की जोड़ी पर, जग करता है गौर॥ लव कुश हैं संतति राम की, गाते नाम महान, गुरु वाल्मीकि के शब्दों से, गूंजे रामायण गान॥ राजा जनक, माता सुमित्रा, सीता, सबका स्नेह, राम नाम से जग जीवित, मिट जाए हर क्लेश॥ दीपों का यह पर्व कहे, उजियारा हर द्वार, जय श्रीराम! जय श्रीराम! करें सब मिल कर पुकार॥ आप सभी को दीपपर्व की शुभकामनाएं 🙏🏻🙏🏻 स्वरचित काव्य श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर विकासखंड सरायपाली जिला महासमुंद छत्तीसगढ़

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