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शिर्षक 🌙✨ चाँद में सपनों का महल ✨🌙
श्रेणी कविता
चाँद की नर्म किरणों से, बुना एक महल सपना,
चाँदी की सीढ़ियाँ ऊँची, मोती जड़े हुए अपना।
सितारों की झालर लहराए, ख्वाबों की बगिया महके,
रूपहली दीवारों पर, यादों की परछाईं बहके।
महल की छत से दिखता है, नीला प्यारा धरती का गाँव,
जहाँ दिल की छोटी–छोटी बातें, बन जाएँ मीठे पंखों का पाँव।
नींद की हल्की परियों संग, उड़ जाएँ सब दुःख–सवाल,
उस पार खिला हो मुस्कानों का, सुनहरा सपना हर हाल।
चाँद में है सपनों का महल, बस दिल से देखो एक बार,
वहाँ न आँसू की छाया, न थकन की दीवार।
चलो आज रात सफ़र करें, ख़्वाबों की उस गली में,
जहाँ दिल लिखे अपनी कहानी, चाँदनी की कली में।
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हरनारायण कुर्रे, मुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़।
चांद में सपनों का महल
चांद में सपनों का महल
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