काव्य :
तिरंगा देश की आन ,बान, शान
तिरंगा है हमारी पहचान।
इसकी शान में है हिंदुस्तान।
लहराता है आसमान में तीन रंग।
दिल में भर देता है देशभक्ति का उमंग।
तीन रंगों में बसी है हमारी पूरी कहानी,
इसकी रक्षा में है हर हिंदुस्तानी।
तिरंगे की शान में जीना-मरना हमारा अभिमान है।
भारत मां के लाल की यही असली पहचान है।
सीमा पर डटे जवानों के लिए :::--
सीमा का हर कण उनका साहस पहचानता।
जवान का हर कदम मातृभूमि को जानता ।
धूप, ठंड और तूफ़ान में भी डटे रहते ।
हमारी नींद के लिए रातभर जगे रहते।
देश की हर साँस उनकी कुर्बानी से चलती है।
जवानों की हिम्मत ही भारत की ढाल बनती है।
पुलिस कर्मियों की निष्ठा पर पंक्ति:-
जनता की रक्षा, यही उनका प्रण।
दिन हो या रात, चलते रहते अनवरत कदम।
त्याग, समर्पण और हिम्मत की पहचान।
हर मुश्किल में खड़ा है हमारा जवान।
अपना आराम छोड़, सुरक्षा का व्रत निभाते।
जनता की खुशी में ही अपनी खुशी पाते।
ना मौसम की परवाह, ना थकान का असर।
देश और जनता की सेवा में सदैव तत्पर।
शहीदों की देशभक्ति पर पंक्तियाँ::--
जिन्होंने हंसते-हंसते दे दी जान।
उन्हीं से है वतन का मान।
उनकी कुर्बानी से महकता है ये चमन।
हर सांस में बसता है ये हमारा वतन।
खून से सींचा है इस मिट्टी को,
तभी तो आजादी मिली हमको।
वो वीर जो अमर हो गए,
पर हमें आजाद कर गए।
यही है सच्ची वीरता की कहानी ।
दिल में जज़्बा आंखों में है पानी ।
नमन है उन वीर जवानों को ,
जिन्होंने दी आजादी की ये कहानी ।
देश की आन, बान ,शान,
तिरंगा हर हिन्दुस्तानी की पहचान ।।।,
जय हिंद जय भारत
26।01।2026
स्वरचित रचना
- श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर
विकासखंड सरायपाली
महासमुंद छत्तीसगढ़
तिरंगा हमारी पहचान
तिरंगा हमारी पहचान
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