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शिर्षक - मन का साथी
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मन का साथी, तेरी याद में बसा हूँ, हर सुबह तेरी मुस्कान के साथ जागता हूँ,
हर शाम तेरे ख्यालों में खो जाता हूँ।
फूलों की खुशबू भी तेरे नाम से महकती है,
पंछियों के गीत तेरे स्वर से मिलकर गूंजते हैं।
सपनों में तेरी हँसी देखता हूँ, मन खिल उठता है,
तेरे बिना दिन अधूरा, रात बिना चाँद जैसी सुनसान लगती है।
हर धड़कन में तेरा नाम, हर साँस में तेरी तान,
तेरी आँखों में अपनी पूरी दुनिया खोजता हूँ।
तेरे हाथ में अपना हाथ थामकर जीना चाहता हूँ,
तेरे प्रेम की छाँव में हर दुख भूल जाता हूँ।
तू ही जीवन की धड़कन, तू ही मेरा सुख और शांति,
तेरे बिना मेरा संसार अधूरा है।
वनों की हर हरी पत्तियों में तेरी याद झलकती है,
नदी की बहती धार में तेरे कदमों की आहट सुनाई देती है।
चाँदनी रातें, सितारों की चमक, सब तेरे होने की कहानी कहती हैं,
हवा की हर सरसराहट में तेरी मीठी बात महसूस होती है।
तेरे साथ बीते हर पल, जैसे बहती नदी में बहते जल की मिठास,
तेरे बिना जीवन सूना और बेसहारा लगता है।
मन का साथी, तेरे प्रेम में हूँ, जैसे आकाश बिना सूरज अधूरा,
जैसे धरती बिना चाँद सुनसान, जैसे फूल बिना खुशबू अधूरा।
तेरे हँसते हुए चेहरे में मैं अपनी दुनिया पाता हूँ,
तेरे आँचल की छाँव में हर पीड़ा भूल जाता हूँ।
हर पल, हर क्षण, बस तेरा नाम लेता हूँ,
मन का साथी, तेरे बिना कोई रास्ता नहीं, कोई मंज़िल नहीं।
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हरनारायण कुर्रे मुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
मन का साथी
मन का साथी
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