श्रीराम सर्व गुण संपन्न हैं
इक्ष्वाकु वंश में अवतरित,
जो राम नाम से विख्यात हैं,
जो जितेंद्रिय, महाबलवान हैं,
और कांतिमान, धैर्य वान हैं।
धर्मज्ञ और सत्यप्रतिज्ञ हैं,
प्रजा हित साधन में रत हैं,
यशस्वी, ज्ञानी, जितेंद्रिय,
वे सदैव रहते ध्यानमग्न हैं।
प्रजापति के समान पालक,
श्री सम्पन्न, शत्रुविध्वंसक,
जीवों तथा धर्म के रक्षक हैं,
ऐसे युवराज श्री रामचन्द्र हैं।
स्वधर्म, स्वजनों के पालक,
वेद-वेदांगों के तत्ववेत्ता हैं,
धनुर्विद्या में अति प्रवीण हैं,
वे अखिल शास्त्र तत्त्वज्ञ हैं।
श्रीराम स्मरण शक्तियुक्त,
अत्यंत प्रतिभा सम्पन्न हैं,
सुविचारक, उदार हृदय के
वह तीनों लोकों में प्रिय हैं।
सर्वगुण सम्पन्न श्रीराम जी,
माँ कौशल्या के आनन्द हैं,
हिमालय के समान गंभीर,
सागर के समान धैर्यवान हैं।
श्रीहरिविष्णु सम बलवान हैं,
चंद्र से शीतल, क्रोध में काल हैं,
आदित्य धरा सम क्षमा वान हैं,
धर्मराज के समान सत्यवान हैं।
डा. कर्नल आदि शंक़र मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्या वाचस्पति’
लखनऊ
श्री राम सर्वगुण सम्पन्न हैं
श्री राम सर्वगुण सम्पन्न हैं
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