मैं एक शिक्षक हूं।विद्यार्थियों में मानवता के गुण भर सकूं,यही मेरा धर्म है।
मैं एक साहित्यकार हूं।साहित्य के माध्यम से समाज,राष्ट्र और विश्व को एक नई चेतना प्रदान कर सकूं,यह मेरा उद्देश्य है।
मैं एक समाजसेवी हूं।समाज-कल्याण मेरे जीवन का है।
-पी.यादव 'ओज'
वरिष्ठ शिक्षक,साहित्यकार एवं समाजसेवी
झारसुगुडा,ओड़िशा,भारत।