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100 परिणाम मिले
कविताएं (12)
श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर
3 days ago
नारीत्व
नारी जीवन संघर्ष है, उसका ऊँचा मान। उससे ही उजियारा है, घर परिवार जहान।। जब-जब उस पर वार हो, अन्यायों की मार। तब-तब न्यायालय करे, न्यायपूर्ण विचार।...
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श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर
3 days ago
मां को श्रद्धांजलि अर्पित 🌸
मां को श्रद्धांजलि ✍️ प्रतिभा दिनेश कर | 📅 17/3/2026 🙏🏻🌸अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित मां 🌸🙏🏻 स्वर्ग की सीढ़ी पर आत्मा आपकी चढ़ती जाए, जन्म मरण...
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HARNARAYAN KURREY
1 week ago
शहद की मिठास
विर्षक- शहद की मिठास विधा -कविता मौलिक रचना पीली किरणों में छुपी वो मिठास, फूलों की आत्मा से बनी अमृत की धारा, मधुमक्खियों की मेहनत में ब...
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adi.s.mishra
1 week ago
*मेरी
माँ
एक विलक्षण कुशल गृहिणी*
*मेरी
माँ
श्रीमती पद्मा मिश्रा एक विलक्षण कुशल गृहिणी* अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष तुम्हारे हाथ में वो जादू है जो कुछ बिगड़ने नही...
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adi.s.mishra
1 week ago
*भारत की नारी*
भारत की नारी भारत की नारी शक्ति का अवतार होती है, गंगा की निर्मल धार होती है, सद्गुणों की खान होती है। कभी फूल कभी चट्टान होती है। परिवार ...
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adi.s.mishra
1 week ago
शांति की तलाश में युद्ध के विकल्प में अशांत होता विश्व समुदाय
*शांति की खोज में अशांत होता विश्व* आज विश्व शांति की खोज में लगातार अशांत होता जा रहा है, क्योंकि विश्व में राजनीतिक संघर्ष, आर्थिक प्रतिस्पर्धा औ...
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adi.s.mishra
1 week ago
हे रहमान, हे रहीम, हे करीम, हे मौला
Here's the translation: *Hindi Translation:* हे रहमान, हे रहीम, हे करीम, हे मालिक ए मौला, आपने हमें जीवन बख्शा और अपनी इबादत का सुनहरा मौका ...
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HARNARAYAN KURREY
2 weeks ago
बसंत पंचमी
--- बसंत पंचमी पीली चादर ओढ़ धरा मुस्काई, फूलों ने खुशबू आज लुटाई। कोयल ने छेड़ी मधुर तान, मन में जागा नया अरमान। सरसों के खेतों में छाया ...
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HARNARAYAN KURREY
2 weeks ago
जांगर
शिर्षक जांगर छत्तीसगढ़ी कविता स्वरचित जांगर मोर छत्तीसगढ़ के, दिल के गहराई ले भरा। खेत खार मा पसीना बहत, आंसू जइसे गिरा। सूरज निकलत बि...
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HARNARAYAN KURREY
3 weeks ago
पुराना घर
"पुराना घर" मौलिक रचना पुराना घर आज भी मुझसे बातें करता है, दीवारों में कैद हर लम्हा साँसें भरता है। आँगन की मिट्टी में बचपन सोया मिल...
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adi.s.mishra
3 weeks ago
यादों के झरोखे से: वर्षों बाद घर जाना
*बरसों बाद घर जाना ...* माना बरसों हो गए तुमसे मिले हुए, पर यादो में हमेशा संग थे हम। बरसो बाद तुम से मिलकर यूँ लगा, मानो बस इसी मुलाकात के इंत...
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adi.s.mishra
3 weeks ago
बरसों बाद घर जाना….
*बरसों बाद घर जाना ...* माना बरसों हो गए तुमसे मिले हुए, पर यादो में हमेशा संग थे हम। बरसो बाद तुम से मिलकर यूँ लगा, मानो बस इसी मुलाकात के इंत...
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